15 अक्टूबर 2025 — भारतीय टेलीविज़न की दुनिया से एक और सितारा टूट गया।
पंकज धीर, जिन्हें दुनिया ‘महाभारत’ के कर्ण के रूप में जानती है, अब हमारे बीच नहीं रहे।
68 साल की उम्र में उन्होंने कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद दम तोड़ दिया।
कर्ण बन जाने वाला अभिनेता
साल 1988 में जब बी. आर. चोपड़ा का महाभारत टीवी पर आया, भारत भर के घर-घर में एक नाम गूंजा — कर्ण।
और इस चरित्र को जीवन दिया पंकज धीर ने।
उनका कर्ण केवल एक भूमिका नहीं था, बल्कि एक जीवंत आत्मा था — जिसकी गरिमा, त्याग और संघर्ष आज भी लोगों के दिल में बसते हैं।
कई शहरों में लोग आज भी उन्हें “कर्ण जी” कहकर याद करते हैं। उन्होंने कभी कहा था:
“लोगों ने मंदिर बनाए, मेरी छवि में कर्ण की पूजा की। यह लोकप्रियता नहीं, यह श्रद्धा है। और श्रद्धा अमर होती है।”
अभिनय से आगे की दुनिया
पंकज धीर ने महाभारत के अलावा कई टीवी शो और फिल्मों में काम किया — चंद्रकांता, ससुराल सिमर का, बादशाह, सोल्जर, आदि।
उन्होंने अपना Visage Studioz और Abbhinnay Acting Academy भी शुरू किया, जहाँ उन्होंने नए कलाकारों को प्रशिक्षित किया।
उनके पुत्र निकितिन धीर भी आज एक सफल अभिनेता हैं।
वह अक्सर कहते थे, > “अभिनय सिर्फ प्रतिभा नहीं है, यह संवेदना और अनुशासन है।”
कैंसर से लंबी लड़ाई
कुछ वर्ष पहले कैंसर से उपचार के बाद वे स्वस्थ हुए थे, लेकिन बीमारी दोबारा लौट आई।
उन्होंने कई सर्जरी और ट्रीटमेंट झेले, पर कभी हिम्मत नहीं हारी।
सह-कलाकार फिरोज खान (‘महाभारत’ के अर्जुन) ने भावुक संदेश में कहा:
“वह जीवन में भी योद्धा थे और मृत्यु में भी।”
अंतिम विदाई
CINTAA ने उनके निधन पर शोक जाहिर करते हुए कहा:
“पंकज धीर जी का हमारे बीच से जाना एक युग का अंत है। वह सिर्फ कलाकार नहीं, एक संस्था थे।”
उनका अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले में किया गया। उनके पुत्र निकितिन धीर और पत्नी अनिता धीर को देखकर हर आँख नम हो गई।
सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी — किसी ने कर्ण के संवाद पोस्ट किए, तो किसी ने उनकी पुरानी तस्वीरें।
विरासत और प्रेरणा
1. अमर कर्ण
आने वाली पीढ़ियाँ जब महाभारत देखेंगी, तो कर्ण के रूप में पंकज धीर को देखेंगी।
2. गुरु का योगदान
उनकी अभिनय अकादमी आज भी नए कलाकारों को तैयार कर रही है।
3. संघर्ष की मिसाल
बीमारी के बावजूद उनका सकारात्मक रहना हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा है।
4. अमर स्मृतियाँ
सच्ची अमरता जीवन में नहीं, यादों में होती है।
🌼 समापन विचार
कुछ कलाकार भूमिकाएँ निभाते हैं,
कुछ उन्हें जी जाते हैं।
पंकज धीर ने कर्ण को जिया।
और शायद इसीलिए, उनकी कहानी आज भी अधूरी लगती है।
ओम शांति। 🙏
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q: पंकज धीर की मृत्यु किससे हुई?
→ कैंसर के रिलैप्स से।
Q: उनकी उम्र कितनी थी?
→ 68 वर्ष।
Q: उन्हें सबसे अधिक किस भूमिका से पहचाना गया?
→ महाभारत के कर्ण के रूप में।
Q: उनके परिवार में कौन-कौन हैं?
→ पत्नी अनिता धीर और पुत्र निकितिन धीर।
Q: क्या उन्होंने अभिनय अकादमी स्थापित की थी?
→ हाँ, उन्होंने Abbhinnay Acting Academy और Visage Studioz की स्थापना की।
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