एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने रचा इतिहास — भारत का पहला ₹4 लाख करोड़ का आईपीओ. भारत के शेयर बाजार में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स (LG Electronics) का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा बन गया है, जिसने ₹4 लाख करोड़ की सब्सक्रिप्शन सीमा पार कर ली है।
यह भारत के निवेशकों के बढ़ते भरोसे और एलजी की ब्रांड प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
इतिहास रचने वाला सब्सक्रिप्शन
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के आईपीओ को हर निवेशक वर्ग से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली —
संस्थागत खरीदार (QIB), गैर-संस्थागत निवेशक (NII) और खुदरा निवेशक (Retail Investors) — सभी ने बड़ी मात्रा में बोली लगाई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह आईपीओ 200 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जो भारतीय बाजार के इतिहास में बहुत दुर्लभ है।
निवेशकों की भारी रुचि के कारण
ब्रांड पर भरोसा: एलजी का भारतीय उपभोक्ताओं में दो दशक से मजबूत विश्वास है।
बेहतरीन वित्तीय प्रदर्शन: निरंतर लाभ, विविध उत्पाद पोर्टफोलियो।
भविष्य की विकास संभावनाएं: भारत का तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग।
आकर्षक मूल्य निर्धारण: विश्लेषकों के अनुसार, आईपीओ की कीमत उचित थी।
तकनीकी नवाचार: एआई, स्मार्ट होम और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश।
विशेषज्ञों की राय
“₹4 लाख करोड़ का आंकड़ा केवल एक संख्या नहीं है — यह भारत की वैश्विक वित्तीय ताकत का प्रतीक है।”
— मोटिलाल ओसवाल के एक मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट
भारतीय आईपीओ बाजार पर प्रभाव
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की सफलता के बाद कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत में लिस्टिंग पर विचार कर सकती हैं। इससे भारतीय पूंजी बाजार को नई ऊंचाई मिलेगी।
आगे क्या होगा
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इस पूंजी का उपयोग करेगी:
मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के विस्तार के लिए,
एआई आधारित तकनीक और रिसर्च में निवेश के लिए,
इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपोनेंट्स बिज़नेस को मजबूत करने के लिए।
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का आईपीओ भारत की आर्थिक और निवेश क्षमता का नया अध्याय है।
यह सिर्फ एक आईपीओ नहीं, बल्कि भारत के ग्लोबल इन्वेस्टमेंट पॉवर बनने की दिशा में बड़ा कदम है।