सहस्राब्दियों से स्वर्ण मानवता की सबसे कीमती धातु रहा है, जो धन, स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा का प्रतीक है। आज की जटिल वैश्विक अर्थव्यवस्था में, राष्ट्र रणनीतिक भंडार के रूप में स्वर्ण का संग्रह करना जारी रखते हैं, जो मुद्रा उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के खिलाफ एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
वैश्विक स्वर्ण पदानुक्रम: टॉप 10 देश
राष्ट्रों में स्वर्ण भंडार का वितरण आर्थिक रणनीतियों और ऐतिहासिक संपत्ति संचय में दिलचस्प अंतर्दृष्टि प्रकट करता है। यहां 2025 में विश्व के अग्रणी स्वर्ण धारक देश हैं:
1. संयुक्त राज्य अमेरिका – निर्विवाद चैंपियन
संयुक्त राज्य अमेरिका 8,133 टन स्वर्ण भंडार के साथ विश्व के सबसे बड़े स्वर्ण धारक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखता है। यह विशाल भंडार देश के कुल विदेशी भंडार का लगभग 76% है, जो स्वर्ण-समर्थित आर्थिक स्थिरता के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस कीमती धातु का अधिकांश हिस्सा प्रसिद्ध फोर्ट नॉक्स सुविधा में सुरक्षित रूप से संग्रहीत है, डेनवर और न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व में अतिरिक्त भंडार के साथ। उल्लेखनीय बात यह है कि अमेरिका ने 1950 के दशक से स्वर्ण में महत्वपूर्ण वृद्धि या बिक्री नहीं की है।
### 2. जर्मनी – यूरोप की स्वर्ण शक्ति
जर्मनी 3,351 टन स्वर्ण भंडार के साथ विश्व स्तर पर दूसरा स्थान रखता है। यह पर्याप्त भंडार जर्मनी की आर्थिक शक्ति और मौद्रिक नीति के प्रति सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है।
### 3. इटली – भूमध्यसागरीय स्वर्ण केंद्र
इटली 2,452 टन स्वर्ण भंडार के साथ तीसरा स्थान हासिल करता है। विभिन्न आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, इटली ने अपनी मौद्रिक रणनीति के हिस्से के रूप में महत्वपूर्ण स्वर्ण भंडार बनाए रखा है।
पूर्ण टॉप 10 रैंकिंग
सबसे अधिक स्वर्ण भंडार वाले शीर्ष दस देशों की पूरी सूची में शामिल हैं: संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, इटली, फ्रांस, रूस, चीन, स्विट्जरलैंड, जापान, भारत,
भारत की स्वर्णिम स्थिति: वैश्विक स्तर पर 8वां स्थान
| Rank | Country | Region | Gold Reserves (Tonnes) | Gold Reserves (Millions) |
| 1 | United States of America | North America | 8,133.46 | 6,82,276.85 |
| 2 | Germany | Western Europe | 3,351.53 | 2,81,143.57 |
| 3 | Italy | Western Europe | 2,451.84 | 2,05,672.74 |
| 4 | China | East Asia | 2,279.56 | 1,91,220.94 |
| 5 | Switzerland | Western Europe | 1,039.94 | 87,235.26 |
| 6 | India | South Asia | 876.18 | 73,498.28 |
| 7 | Japan | East Asia | 845.97 | 70,964.60 |
| 8 | Poland | Central and Eastern Europe | 448.23 | 37,600.03 |
| 9 | United Kingdom | Western Europe | 310.29 | 26,028.49 |
| 10 | Thailand | South East Asia | 234.52 | 19,672.61 |
| 11 | Singapore | South East Asia | 219.96 | 18,451.64 |
| 12 | Brazil | Latin America & Caribbean | 129.65 | 10,875.93 |
| 13 | Mexico | Latin America & Caribbean | 120.3 | 10,091.22 |
| 14 | South Korea | East Asia | 104.45 | 8,761.40 |
| 15 | Czech Republic | Central and Eastern Europe | 51.18 | 4,292.92 |
भारत वैश्विक स्वर्ण भंडार में गर्व से 8वां स्थान रखता है, 2025 की पहली तिमाही तक इसके केंद्रीय बैंक भंडार में लगभग 879.6 टन स्वर्ण है। यह 2024 में 876.18 टन से थोड़ी वृद्धि दर्शाता है, जो भारतीय रिजर्व बैंक की अपने विदेशी मुद्रा और स्वर्ण भंडार को मजबूत करने की निरंतर रणनीति को दर्शाता है।
हालांकि, यह आधिकारिक आंकड़ा भारत की स्वर्णिम कहानी का केवल एक हिस्सा बताता है। इस रैंकिंग में भारतीय घरों और मंदिरों द्वारा निजी तौर पर रखे गए स्वर्ण की भारी मात्रा शामिल नहीं है, जो दुनिया में सबसे अधिक में से एक है। भारतीयों के लिए, स्वर्ण सिर्फ धातु नहीं है; यह भावना, परंपरा है।
भारत की बढ़ती स्वर्ण भूख
भारत ने सक्रिय रूप से अपने स्वर्ण भंडार में वृद्धि की है, 2024 में 72.6 टन हासिल किया, जो होल्डिंग में 9.03% की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है। यह अधिग्रहण रणनीति भारत की अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने और अस्थिर मुद्राओं पर निर्भरता कम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
स्वर्ण भंडार का रणनीतिक महत्व
दुनिया भर के केंद्रीय बैंक कई सम्मोहक कारणों से स्वर्ण भंडार बनाए रखते हैं:
**आर्थिक स्थिरता**: स्वर्ण मुद्रा अवमूल्यन और मुद्रास्फीति के खिलाफ एक हेज प्रदान करता है, आर्थिक अशांति के दौरान स्थिरता प्रदान करता है।
**विविधीकरण**: स्वर्ण भंडार राष्ट्रों को अपनी विदेशी मुद्रा होल्डिंग में विविधता लाने में मदद करता है।
**संकट प्रबंधन**: वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान, स्वर्ण भंडार महत्वपूर्ण तरलता प्रदान कर सकता है।
**अंतर्राष्ट्रीय विश्वसनीयता**: पर्याप्त स्वर्ण भंडार अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में किसी देश की विश्वसनीयता बढ़ाता है।
एशियाई स्वर्ण रश
चीन ने लगातार अपने स्वर्ण भंडार में वृद्धि की है और अब 2025 में 2,200 टन से अधिक रखता है। पहले से ही व्यापक स्वर्ण भंडार होने के बावजूद, चीन ने 2024 में 44.17 टन के साथ अपना अधिग्रहण जारी रखा।
भू-राजनीतिक दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद, रूस ने पिछले दशक में लगातार स्वर्ण खरीदना जारी रखा है, खासकर विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम करने के लिए।
केंद्रीय बैंकों की भूमिका
केंद्रीय बैंक मानव इतिहास में खनन किए गए सभी स्वर्ण का लगभग पांचवां हिस्सा रखते हैं। ये संस्थाएं अपनी सुरक्षा, तरलता और रिटर्न विशेषताओं के कारण स्वर्ण भंडार बनाए रखती हैं।
स्वर्ण भंडार के लिए भविष्य का दृष्टिकोण
वैश्विक प्रवृत्ति दिखाती है कि उभरती अर्थव्यवस्थाएं तेजी से अपने स्वर्ण भंडार का निर्माण कर रही हैं:
– डॉलर निर्भरता कम करने के लिए
– मौद्रिक संप्रभुता मजबूत करने के लिए
– संभावित मुद्रा युद्धों की तैयारी के लिए
– घरेलू मुद्राओं में विश्वास निर्माण के लिए
भारत की स्वर्णिम विरासत
स्वर्ण के साथ भारत का रिश्ता केंद्रीय बैंक भंडार से कहीं व्यापक है। देश दुनिया के सबसे बड़े स्वर्ण उपभोक्ताओं में से एक रहा है, जहां स्वर्ण की महत्वपूर्ण भूमिका है:
– विवाह समारोहों और त्योहारों में
– धार्मिक प्रथाओं और मंदिर भंडार में
– निवेश और बचत संस्कृति में
– पारंपरिक आभूषण और अलंकरण में
विश्व के स्वर्ण भंडार रैंकिंग एक दिलचस्प भू-राजनीतिक परिदृश्य प्रकट करती है जहां संयुक्त राज्य अमेरिका और जर्मनी जैसी पारंपरिक शक्तियां प्रमुख स्थिति बनाए रखती हैं, जबकि भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं लगातार अपनी कीमती धातु होल्डिंग का निर्माण करती हैं।
879.6 टन के साथ भारत की 8वीं स्थिति न केवल आर्थिक रणनीति दर्शाती है बल्कि स्वर्ण के साथ राष्ट्र के गहरे सांस्कृतिक संबंध को भी दर्शाती है। जैसे-जैसे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं जारी रहती हैं, हम उम्मीद कर सकते हैं कि देश अपने स्वर्ण भंडार को और मजबूत बनाएंगे।