अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने वैश्विक क्रिप्टो बाजार को हिला दिया। ट्रंप ने घोषणा की कि अगर वे दोबारा सत्ता में आते हैं, तो चीन से आने वाले उत्पादों पर 130% टैरिफ लगाया जाएगा।
इस बयान के कुछ ही मिनटों में क्रिप्टो मार्केट में लगभग $7 बिलियन (₹58,000 करोड़) की गिरावट दर्ज की गई। बिटकॉइन, एथेरियम, और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भारी बिकवाली देखी गई।
क्रिप्टो मार्केट में गिरावट क्यों आई?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके तीन मुख्य कारण हैं –
वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी: ट्रेड वॉर की आशंका से निवेशकों में डर फैल गया।
अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ: निवेशकों ने क्रिप्टो से पैसा निकालकर डॉलर में शिफ्ट किया।
सप्लाई चेन और माइनिंग पर असर: चीन से जुड़े क्रिप्टो माइनिंग ऑपरेशंस प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों की राय
क्रिप्टो एनालिस्ट माइकल वैन डी पॉपे ने कहा, “बाजार अनिश्चितता से डरते हैं, और ट्रंप के बयान ने इसे बढ़ा दिया।”
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यदि आर्थिक दबाव जारी रहा, तो बिटकॉइन की कीमत $52,000 तक गिर सकती है।
इतिहास खुद दोहरा रहा है
2018 में जब ट्रंप ने चीन पर पहली बार टैरिफ लगाए थे, तब भी शेयर बाजार और बिटकॉइन दोनों में गिरावट आई थी। यह घटना उसी की झलक दोहरा रही है।
आगे क्या हो सकता है?
अगर यह टैरिफ वाकई लागू हुए, तो अमेरिका में महंगाई बढ़ सकती है और निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है।
हालांकि कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह “डिप पर खरीदने” का अच्छा मौका है।
ट्रंप की 130% टैरिफ घोषणा ने दिखा दिया है कि राजनीति और क्रिप्टो इकोनॉमी अब एक-दूसरे से गहराई से जुड़ चुके हैं।
2025 के अमेरिकी चुनाव तक क्रिप्टो निवेशकों को सतर्क रहना होगा।